आज का ट्रेंड

आज का ट्रेंड!!

Todays Trend


आप से तुम और अब तुम से तू; प्यार के बाद शादी से अब प्यार के बाद धोखा; दिल लगाने से अब मन लगाना। अच्छा हां यही तो ट्रेंड है। दोस्त जो समय के हिसाब से बदलते है और रिश्ते जो शब्दोें के हिसाब से मिलते है। अच्छा हां यही तो आज का ट्रेंड है। दिखावा करने के जोश में जीवन बर्बाद करना और माफी ना मांग कर औकात दिखाना। अच्छा हां यही तो है ट्रेंड। 

गालियां और अपशब्द जो समझ आए न आए पर देना तो है ही, वरना दोस्त कहां से बनेंगे। कार्य जो पता हो कि गलत है पर करना तो पड़ेगा ही वरना ट्रेंड कैसे बरकरार रहेगा। जीवन जीने के क्रम में, सच्चाई से भागना और खुद को सहानुभूति देकर झूठ का मार्ग अपनाना, वरना समाज जीने कहा देगा। चीजें जानते हुए भी की गलत है फिर भी उसे अपनाना और फिर उम्र का दोष ठहरा कर आगे बढ़ जाना। अपनी अपेक्षाएं दूसरों पे डालना और पूरा ना होने पर उसे ही बुरा कहना। क्या यही है आज का ट्रेंड? 

 माता पिता क्या है? बस पैसे देने की मशीन वरना बात कहा बहस होती है। घरवालों के सामने अच्छा बनना और बाहर जाते ही अपने संस्कार भूल जाना। अपनी गलतियों की जिम्मेदारी ना ले कर दूसरों पर डाल देना और बदले की भावना से जीवन के सही राह से भटककर गलत रास्ते अपनाना। क्या ये ट्रेंड सही है??

देश के लिए भागना था पर भाग तो उस रेस में रहे है जिसमे जीत कर जीवन से हार जाएंगे। भाग रहें है हम उस दौड़ मे जिसका कोई अंत नही। भाग रहे है हम अपनों से परायों के लिए, भाग रहे है हम घरवालों से बाहरवालों के लिए, भाग रहे है हम खुद की सच्चाई से दूसरों के झूठ के लिए। भाग रहे है उस ट्रेंड के लिए जो सच है ही नहीं। क्या करोगे ट्रेंड की यही तो मांग है, ये तो करना ही पड़ेगा वरना कोई जीने नहीं देगा।

सच बोलने से परिणाम का डर और झूठ बोलने से पकड़े जाने का डर, तो करे तो करे क्या गलत तो करना ही पड़ेगा।हारने से बैज्जत होने का डर और जीतने से और आगे बढ़ने की चिंता। मजबूर हो कर गलत कदम उठाना और गलत कदम उठा कर मजबूर हो जाना। दूसरों के बहकावे में आ कर गलत काम करना और फिर गलत काम करने को दूसरों को उकसाना। यही तो है आज का ट्रेंड, वरना ना करने से लोग ताने देंगे की बड़े हो जाओ। सारे चीजें प्रयोग करने का शौक और जवानी का जोश, सच्चाई से बेखबर और परिणाम से ना कोई डर। अब क्या पता किसी का जीवन ही ना खराब हो जाए।

डर लगता है इस ट्रेंड से जो बढ़ती जा रही है बिना किसी ब्रेक के। मर रहे है लोग पर ये ट्रेंड नहीं रुकना चाहता। दिक्कत तो यही है की ट्रेंड बनता नही बनाया जाता है; ट्रेंड बढ़ता नही बढ़ाया जाता है। तो फिर ट्रेंड रुकेगा कैसे? उसे रोकना पड़ेगा। खुद समझदार बनना पड़ेगा वरना इस ट्रेंड का नया वर्ज़न भी आएगा और आज का ही नही बल्कि आने वाला कल भी इसी ट्रेंड से बरबाद हो जायेगा। खुद कदम बढ़ाना होगा उस रास्ते में जिसमे जाना मुस्किल होगा, गलत को गलत बोलना होगा और खुद को रोकना होगा गलत करने से। तभी 'ट्रेंड' का 'दी एंड' होगा।

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